Shri Nathadhi

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Pallavi

श्री नाथादि गुरु गुहो जयति जयति

श्री चिदानन्द नाथोऽहमिति

सन्ततं हृदिनि भज

Anupallavi

नाना प्रपञ्च विचित्र-करो

नाम रूप पञ्च भूताकरो

अज्ञान ध्वान्त प्रचण्ड भास्करो

ज्ञान प्रदायको महेश्वरो

(मध्यम काल साहित्यम्)

दीनावनोद्युक्त दिव्य-तरो

दिव्यौघादि सकल देह धरो

मानसानन्द-कर चतुर-तरो

मद्गुरु वरो मङ्गळं करोतु

Charanam

माया-मय विश्वाधिष्ठानो

मात्मक कादि मतानुष्ठानो

मालिनी मण्डलान्त विधानो

मन्त्राद्यजपा हंस ध्यानो

माया कार्य कलना हीनो

मामक सहस्र कमलासीनो

माधुर्य गानामृत पानो

माधवाद्यभय वर प्रदानो

माया शबळित ब्रह्म रूपो

मार कोटि सुन्दर स्वरूपो

मतिमतां हृदय गोपुर दीपो

मत्त शूरादि जय प्रतापो

(मध्यम काल साहित्यम्)

माया माळव गौळादि देश -

मही पति पूजित पद प्रदेश

माधवाद्यमर बृन्द प्रकाश

महेशस्य महार्थोपदेशः

Reference Rendition

TM Krishna